बर्ड फ्लू से बचाव के लिये एहतियात बरतने की सलाह

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imagesसिवनी २६ अक्टूबर २०१६ (युगश्रेष्ठ)। ग्वालियर चिडिय़ाघर में दो पक्षियों के सेम्पल में बर्ड फ्लू पोजेटिव लक्षण पाये जाने को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक सावधानियां अवश्य बरती जाये। पशु चिकित्सा उपसंचालक मैदानी अमले को निर्देशित किया कि वे मुर्गी एवं पक्षी पालन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखें। उन्होंने अन्य विभाग प्रमुखों से आग्रह किया कि वे भी अपनी विभागीय मैदानी अमले के माध्यम से मुर्गा-मुर्गियों सहित अन्य पक्षियों पर नजर रखे।
उपसंचालक डॉ. चक्रवर्ती ने प्रभारी पशु चिकित्सक एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी को निर्देशित किया है कि जलाशयों के निगरानी रखते हुए प्रवासी पक्षियों के नमूने एकत्र कर भेजा जाना सुनिश्चित करें। साथ ही जलाशयों के आसपास के ग्रामों पाई जाने वाले कुक्कुट पक्षी तथा पोल्ट्रीफार्म एवं बैक्यार्ड कुक्कुट के सेम्पल अनिवार्य रूप से भेजे। क्षेत्र के कुक्कुट बाजार, हाट बाजार एवं पोल्ट्री फार्मो में कुक्कुट रोग के बारे में नियमित निरीक्षण करना सुनिश्चित करें एवं की गई कार्यवाही से पशु चिकित्सा सेवाये सिवनी को अवगत करायें। जिले में बर्ड फ्लू से बचाव के लिये एहतियातन कई एवियन इन्फलूएन्जा रोग हेतु सतर्कता व सावधानी बरतने जिले बर्ड फ्लू प्रकोष्ठ का गठन किया गया जिसके नोडल अधिकारी प्रभारी रोग अन्वेषण प्रयोगशाला सिवनी का डॉ. संतोष कुमार डहेरिया मो. नं. 9406759506 को बनाया गया है या कन्ट्रोल रूम 07692-220535 में तत्काल अवगत करायें। मुर्गी एवं पक्षी पालको को सलाह दी गई है कि वे अपने पक्षियों पर नजर रखें। यदि पक्षियों की आंख, गर्दन और सिर के आसपास सूजन है और आंखों से रिसाव हो रहा है, कलगी टांगों में नीलापन आ रहा है, अचानक कमजोरी, पंख गिरना बढ़ रहा है और पक्षियों की हरकत में कमी आ रही है, पक्षी आहार कम ले रहे है व अण्डे भी कम दे रहे है और असामान्य रूप से अधिक पक्षी मर रहे है तो यह सब खतरे के संकेत है। यदि पक्षियों में ऐसे असामान्य लक्षण दिखाई देते है तो इसे छिपाये नहीं अपने पक्षियों की हर असामान्य बीमारी अथवा मौत की सूचना तुरंत निकटतम पशु चिकित्सा को दें।
मुर्गीपालन करने वालों को सलाह दी गई है कि वे अपने पक्षियों को बाड़े में बंद रखे, केवल पोल्ट्रीफार्म की देखभाल करने वालों को ही पक्षियों के पास जाने दें1 अनावश्यक लोगों को बाड़े में प्रवेश ना करने दें। अपने मुर्गा-मुर्गी को दूसरे पक्षियों-पक्षियों के संपर्क में ना आने दें। दो प्रजातियों के पक्षियों को एक ही बाड़े में ना रखे। पक्षियों के बाड़ों को साफ-सुथरा रखें। अपने पोल्ट्रीफार्म एवं बाडे मेें नियमित रूप से चूने अथवा कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव कर संक्रमण मुक्त करते रहे।