1-3सिवनी २६ अक्टूबर २०१६ (युगश्रेष्ठ)। मोहगांव से खवासा तक के फोरलेन बनने के मामले में दिल्ली अभी बहुत दूर है। इस मार्ग के निमार्ण के लिये भूमि व्यपवर्तन के प्रस्ताव को तो 18 अगस्त 2015 में मंजूरी मिल चुकी है लेकिन अब तक डीपीआर बनाने के लिये परामर्शदाता की ही नियुक्ति नहीं हो पायी है तो फिर रोड़ बनाने के टेंडऱ लगना तो दूर की बात है। उक्ताशय के विचार प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में इंका नेता आशुतोष वर्मा ने व्यक्त किये है।
विज्ञप्ति में इंका नेता आशुतोष वर्मा ने बताया है कि सूचना के अधिकार के तहत लगाये गये एक आवेदन में भारतीय राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण से यह पूछा गया था कि उक्त रुके हुये मार्ग के लिये क्या सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार मंजूरी मिल चुकी है? इसके जवाब में प्राधिकरण द्वारा सूचित किया गया है कि उत्तर दक्षिण गलियारे के सिवनी जिले में मोहगांव से खवासा तक के रुके हुये मार्ग के निर्माण हेतु वन भूमि व्यपवर्तन के प्रस्ताव को नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड नई दिल्ली द्वारा 18 अगस्त 2015 को अनुमोदित किया जा चुका है। इस प्रश्न के जवाब में, कि क्या प्राप्त मंजूरी के अनुसार विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट डीपीआर तैयार हो चुका है?, तो बताया गया है कि इसे बनाने के लिये परामर्शदाता की नियुक्ति दिल्ली के स्तर पर प्रगति में हैं। पत्र में यह भी सूचित किया गया है कि डीपीआर बनने के बाद ही इस मार्ग को बनाने के लिये टेंडऱ लगाये जायेंगें।